Hisar Haryana Roadways Protest
Haryana News Today: हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में महाप्रबंधक (GM) के रवैये और पिछले 5 महीनों से लंबित आर्थिक लाभों से परेशान कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। रोडवेज कर्मचारियों ने डिपो प्रांगण में एक बड़ी गेट मीटिंग का आयोजन कर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और मांगों का समाधान न होने तक अनिश्चितकालीन धरना (Haryana Roadways Strike Today) शुरू कर दिया है।
गेट मीटिंग में डिपो की विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 29 अप्रैल को गठित सांझा संघर्ष समिति द्वारा सौंपा गया 15 सूत्रीय मांग पत्र लंबे समय से फाइलों में दबा पड़ा है, जिस पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
5 महीने बीते, लेकिन आर्थिक लाभ अधर में (Haryana Roadways Employees Demands)
वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों के एलटीसी (LTC), मेडिकल बिलों के भुगतान, शिक्षा भत्ता, रात्रि ठहराव भत्ता और एसीपी (ACP) से जुड़े मामले महीनों से लंबित हैं। फाइलों का समय पर निपटारा न होने से कर्मचारियों को भारी आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि GM यह गलत संदेश फैला रहे हैं कि अधिकतर मांगें पूरी हो चुकी हैं, जो कि पूरी तरह भ्रम फैलाने जैसा है। यूनियनों ने चुनौती दी है कि यदि मांगें पूरी हुई हैं, तो GM मंच पर आकर हिसाब दें।
बातचीत का प्रस्ताव ठुकराया
धरना शुरू होने के बाद बैकफुट पर आए महाप्रबंधक ने सांझा संघर्ष समिति को वार्ता के लिए आमंत्रित किया और 1 महीने की मोहलत मांगी। हालांकि, संघर्ष समिति ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया। नेताओं ने कहा, “प्रबंधन को पहले ही 5 महीने का पर्याप्त समय दिया जा चुका है, अब और मोहलत नहीं दी जाएगी। जब तक लिखित और ठोस कार्रवाई नहीं होती, धरना जारी रहेगा।”
बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी
धरने की अगुवाई संदीप जैनावास, कर्मबीर मसूदपुर, अनूप श्योकद, बजरंग लाखा, जोगेंद्र पंघाल, अरुण शर्मा, जितेंद्र शर्मा, नरेंद्र खरड़, अमित जुगलान और पवन कनोह समेत कई कर्मचारी नेताओं ने की। कर्मचारी संघ ने सरकार और परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया तो वे पूरे प्रदेश स्तर पर बड़ा कदम उठाने के लिए विवश होंगे।












