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Hisar News : हिसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), हिसार द्वारा “नशीली दवाओं को ना कहें” विषय पर एडीआर सेंटर के सभागार में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा डीएलएसए के चेयरमैन के मार्गदर्शन में तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) एवं डीएलएसए के सचिव अशोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यशाला का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाना रहा। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, डीएलएसए के पैनल अधिवक्ताओं, अधिकार मित्रों, एलएडीसीएस (लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम) के सदस्यों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीजेएम एवं डीएलएसए सचिव अशोक कुमार ने कहा कि नशीली दवाओं का बढ़ता प्रचलन समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण युवा वर्ग अपने लक्ष्य से भटक रहा है, जिससे अपराध और सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज को जागरूक कर सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाना भी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में नशा विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की अपील की।
इस अवसर पर एलएडीसी के चीफ जोगमणि शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी को रोकने के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के उत्पादन, बिक्री, परिवहन और सेवन पर सख्त प्रतिबंध है तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वक्ताओं ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल एक संस्था के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पुलिस, न्यायपालिका, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा।
अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया और बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखने पर बल दिया गया। कार्यशाला के अंत में डीएलएसए स्टाफ, एलएडीसी सदस्य, पुलिस अधिकारी, पैनल अधिवक्ता एवं अधिकार मित्रों ने नशा उन्मूलन और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज के निर्माण के संदेश के साथ किया गया।