शिक्षकों का सम्मान समाज और देश की प्रगति का आधार: कैप्टन अभिमन्यु
नारनौंद। पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जिस समाज में शिक्षक का सम्मान होता है, उस समाज को विकास की राह पर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से भी अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके बताए संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कैप्टन अभिमन्यु गांव सिंधड़ स्थित राजकीय विद्यालय में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित अध्यापक कर्मवीर दुहन के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्मवीर दुहन ने अपनी मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर राज्य स्तर पर शिक्षक पुरस्कार हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक कर्मवीर दुहन ने विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया। विद्यालय परिसर में खुद हाथ में कस्सी लेकर पौधरोपण करना और विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना उनके समर्पण को दर्शाता है।
विद्यालय की व्यवस्था और प्रदर्शनी की सराहना
कैप्टन अभिमन्यु ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और सुंदर व्यवस्था की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्कूल को देखकर ऐसा महसूस होता है जैसे किसी मंदिर में आए हों। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने शिक्षक कर्मवीर दुहन के नए प्रयोगों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयास अनुकरणीय हैं। ऐसे शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें कर्मवीर दुहन जैसे समर्पित शिक्षक का मार्गदर्शन मिल रहा है।
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान कैप्टन अभिमन्यु ने जिला परिषद और मनरेगा के माध्यम से करवाए गए विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन भी किया। इन कार्यों पर अलग-अलग गांवों में करोड़ों रुपये की राशि खर्च की गई है।
गांव सिंधड़ में करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से फिरनी, पाइपलाइन, वॉलीबॉल ग्राउंड, एससी चौपाल और खेल मैदान सहित कई विकास कार्य करवाए गए हैं।
गांव खानपुर में करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से 60 एकड़ क्षेत्र के पक्के रास्ते, तालाब की रिटेनिंग वॉल, तालाब के सौंदर्यीकरण और पेयजल के लिए नाली निर्माण जैसे कार्य किए गए।
वहीं गांव सिंघवा राघो में करीब 1 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से विद्यालय में शेड निर्माण, सोलर पैनल लगाने, खेतों में पाइपलाइन बिछाने, ढाणियों तक पेयजल लाइन पहुंचाने और चौपाल क









