रोहतक में बारिश के पानी में डूबने से बच्चे की मौत, खेलते खेलते खाली प्लॉट में भरे पानी में गिरे बच्चे, दो तैर कर निकले बाहर, एक डूबा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरियाणा न्यूज टूडे: रोहतक में शुक्रवार शाम से लगातार बारिश हो रही है। रोहतक में खाली प्लॉट में खेलते खेलते बच्चे गिर गए। जिनमें से दो बच्चे तैरकर बाहर निकल आए। जबकि एक बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास के पास दुकानों के छज्जे गिर गए और महम में भी बारिश से जलभराव हो गया।
Rohtak News Today: मिली जानकारी के मुताबिक रोहतक शहर की राजीव कॉलोनी में एक आठ साल का बच्चा आठ वर्षीय संतोष अपने भाई बहन व दोस्तों के साथ गली में खेल रहा था। पास में ही एक खाली प्लॉट में बारिश का पानी भरा हुआ था और संतोष अपने दो साथियों के साथ खेलते खेलते इस पानी में गिर गए। प्लॉट की गहराई ज्यादा होने व पानी का लेवल बढऩे की वजह से संतोष इसमें डूब गया जबकि दो बच्चे तैरकर बाहर निकल आए।
आसपास के लोग मुकदर्शक बनकर देखते रहे लेकिन बच्चे को पानी से बाहर निकालने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखाई। मासूम बच्चा पानी में तिलमिलाता रहा और किसी को उस पर दया नहीं आई। जो बच्चे तैरकर बाहर निकलते थे वो संतोष के घर पहुंचे और मामले से अवगत करवाया। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी।

सिटी थाना पुलिस तुरंत ही मौके पर पहुंची और खाली प्लाट में भरे पानी से बच्चे को बाहर निकाला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक प्लॉट में पांच फीट पानी भरा हुआ था। राजीव कॉलोनी की रहने वाली महिला नरेश ने बताया कि वो मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और काफी सालों से राजीव कॉलोनी में रहते हैं। उसके 3 बच्चे भी बाहर गली में खेल रहे थे और खाली प्लॉट में भरे पानी में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई।
इस संबंध में सिटी थाना प्रभारी संदीप कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि राजीव कॉलोनी में पानी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को पानी से बाहर निकालकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की डीपार्क स्थित आवास के पास दुकानों के छज्जे गिर गए। इस हादसे में लोग बाल बाल बच गए। वहीं पूर्व मंत्री सुभाष बतरा के आवास के पास भी गली में पानी भर गया। इसके अलावा महम में भी जलभराव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार द्वारा जलनिकासी के लिए 81 करोड़ रूपए की पाइपलाईन परियोजना शुरू की गई थी लेकिन वो भी बेअसर साबित हुई।















