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क्या काला साया बना 4 बच्चों की हत्या की कारण? साइको किलर पूनम की कहानी का क्या है सच? Murder Mystery Haryana

By हरियाणा न्यूज टूडे

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4 Childrens Murder Mystery Haryana News

Murder Mystery Haryana:  हरियाणा के पानीपत और सोनीपत में अपने ही बेटे सहित चार बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या करने वाली आरोपित पूनम कोई साइको नहीं है और ना ही वह किसी मनोरोग से ग्रस्त है। क्या काला साया बना इन सब बच्चों की हत्या की वजह। तमाम बातें खुलकर सामने आ रही हैं। पूनम पुलिस पूछताछ में कभी अपने आपको मानसिक बीमारी से पीड़ित बता रही है तो कभी काला साया होने की बात कह रही है। क्या है सच्चाई?

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पानीपत पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह तो सामने आ गया कि वह कोई साइको किलर नहीं है और ना ही वह किसी मनोरोग से पीड़ित है। वह केवल पुलिस की जांच को अपनी दिशा से भटकने के लिए तमाम डकोसले कर रही है। एक बार तो पुलिस भी उसकी बातों में आ गई और उसकी सब बातों को सच्चाई मां बैठी। ( Sonipat children murder mystery )

 

जब पुलिस उसके मनोरोग की जांच करवाने के लिए मनोज चिकित्सा के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वह है ना ही तो मनोरोग से ग्रस्त है और ना ही उसे कोई भूलने की बीमारी है। क्योंकि कभी वह पुलिस के सामने बीमार महिला होने की बात कह कर सहानुभूति लेने का प्रयास करती है तो कभी वह मनोरोग से ग्रस्त होने का दिखावा कर रही है। ( Panipat children murder mystery )

साइको किलर पूनम की कहानी का सच ?

सोनीपत पुलिस साइको किलर पूनम की मां सुनीता से सवाल जवाब करते हुए।

जांच के दौरान सोनीपत जिले के भर गांव की बहु पूनम बार-बार अपने बयान बदल रही है। जब पुलिस ने गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की तो उसने चारों बच्चों की हत्या का जन्म कबूल लिया। लेकिन उसके तुरंत बाद ही उसने कहा कि उसने तो केवल एक ही बच्चे की हत्या की है बाकी के आप उसे पर निराधार लगाए जा रहे हैं। पुलिस और अदालत भी पूनम की शातिर बातों में उलझ जाते कि इससे पहले मनोरोग विशेषज्ञों ने उसके राज का पर्दाफाश कर दिया।

 

शातिर हत्यारिन पूनम ने शुरू में अपनी ननंद की बेटी और खुद के बेटे को पानी के टब में डुबोकर हत्या कर दी थी। उसके बाद उसने पानीपत जिले के गांव सिवाहा में एक और बच्ची को पानी के टाइम में डुबोकर मार दिया। पूनम के इरादे यहां भी कमजोर नहीं पड़े और वह परिवार के साथ एक शादी समारोह में गई तो वहां पर भी उसने अपने ही परिवार मे जेठ की बेटी को स्टोर रूम में ले जाकर पानी के टब में डुबोकर मार दिया।

 

सोनीपत पुलिस जब प्रोटेक्शन वारंट पर लेकर पूनम को पहुंची तो शुरुआत में तो उसने चारों बच्चों की हत्या कबूल कर ली। लेकिन बाद में कहा कि उसने तो केवल अपने जेठ की बेटी विधि की हत्या की है बाकी की हत्याओं से उसका कोई लेना-देना नहीं है। जबकि पूनम ने अदालत में खुद को असहाय, दुखों की मारी महिला होने का पूरा ढ़ोंग कर रही है।

 

पूनम ने अदालत में अपने केस की पैरवी भी खुद करने की इजाजत मांगी और चारों बच्चों की हत्या की वारदात को भी शुरुआत में ही कबूल कर लिया था। लेकिन बार-बार बयान बदलने और बार-बार हरकतें बदल रही है ताकि कोई उसके इतने बड़े जुर्म करने के बावजूद नजर अंदाज कर उस पर रहम दिखाएं। जब उससे पूछताछ की गई थी दीदी के अलावा तीन बच्चों की मौत कैसे हुई है तो उसने कहा कि उसे नहीं मालूम कि उनकी मौत किसने और कैसे की है?

 

शादी के दौरान साइको किलर पूनम अपने पति नवीन के साथ।

मनोरोग चिकित्सक डॉ संदीप आंतिल की जांच रिपोर्ट में साइको किलर पूनम का सच 

बार बार बयान बदलने और पूरी कहानी को पलट करने से बताने के बाद पुलिस पूनम को लेकर सोनीपत के नागरिक अस्पताल में मनो चिकित्सक डॉ संदीप आंतिल के पास जांच करवाने पहुंची। पुलिस समझ बैठी थी कि पूनम मनोरोग से ग्रस्त है। डॉक्टर के मुताबिक पुलिस ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।

 

मनोरोग चिकित्सक डॉ संदीप आंतिल ने सबसे पहले पुलिस की मौजूदगी में करीब 20 मिनट तक पूनम की मां सुनीता से बातचीत की और उसके बाद पूनम के पति नवीन से इस सिलसिले में पूछताछ की गई। मां और पति से बातचीत करने के बाद पुलिस ने पूनम की जांच करने के लिए डॉक्टर के रूम में ले जाया गया।

 

पुलिस की मौजूदगी में डॉक्टर के सामने पूनम से अनेक सवाल किए गए। पुलिस ने पूनम से हत्या से जुड़े और दूसरे घरेलू कई सवाल जवाब किए। करीब आधे घंटे में पुलिस ने पूनम के सामने 50 सवाल रखें। इस दौरान उसका नजरिया कभी टाल मटोल करने का तो कभी विरोध जताने का रहा।

 

डॉक्टर ने पूनम से साधारण से सवाल किया तो पूनम उनका जवाब भी याद नहीं, भूल गई और कभी कहती पढ़ते समय याद था। मनोरोग चिकित्सक डॉ संदीप आंतिल का मानना है कि पूनम मनोरोग से ग्रस्त नहीं है बल्कि वह जानबूझकर ऐसे जवाब दे रही है।

विधि की हत्या क्यों की का जवाब सुने

पुलिस – विधि की हत्या कैसे की ?

पूनम – पानी में डुबोकर, 5 मिनट तक उसे पानी के में डुबोकर रखा जब तक उसकी सांस नहीं टूट गई।

पुलिस विधि की हत्या क्यों की ?

पूनम – पुलिस का सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं दिया और बस टाल-मटोल करने लग गई। न उसके चेहरे पर गुस्सा था और ना ही कोई मजबूरी झलक रही थी। बस पुलिस को गुमराह करने वाली बातें।

 

पूनम ने पानीपत पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि उसके बच्चों से सुंदर बच्चे उसे पसंद नहीं है और इसलिए उसने इनकी हत्या कर दी। परंतु सोनीपत पुलिस और मनोरोग डॉक्टर के सामने उसने इस बात को सिरे से नकार दिया। पुलिस ने पूनम से पानीपत और सोनीपत पुलिस द्वारा की गई पूछताछ की डॉक्टर के सामने टेली की तो सामने आया कि पूनम अपनी ही बातें बार-बार जानबूझकर बदल रही है।

 

पुलिस पूछताछ में पूनम ने बताया कि यह काला साया है जो उसके सपनों में आता है कभी पैर पड़कर ले जाता है। कभी मकान में आग लग जाती है। पूनम की इन बातों को सुनकर पुलिस हैरान रह गई। जब काला साया होने, पैर पड़कर ले जाने वाली बात सहित घर में आग लगने की बात की पुलिस ने और मनोरोग डॉक्टर संदीप आंतिल ने जांच की तो इनका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।

 

पुलिस पूछताछ के दौरान पूनम कभी पछतावा करने की बात करती है तो कभी गुमराह करने वाले बयान पुलिस को दे रही है। पुलिस का मानना है कि पूनम की मां सुनीता की तरफ भी पुलिस के शक की सुई घुमती हुई नजर आ रही है। क्योंकि पुलिस का मानना है कि वह जानबूझकर कुछ बातों को छुपाने का प्रयास कर रही है। 

 

पुलिस पूछताछ में पूनम के पति नवीन ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूनम को चंडीगढ़, जींद सहित अनेक न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर को दिखाया गया। काफी महीना तक उसकी दवाइयां और उपचार जारी रहा लेकिन किसी भी डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में उसे मनोरोग से ग्रस्त नहीं बताया।

 

पुलिस पूछताछ के दौरान पूनम के पति नवीन ने खुलासा करते हुए बताया कि पूनम अक्सर उसके माता-पिता ( सास ससुर ) के साथ झगड़ा करके अपने मायके चली जाती थी। पूनम कभी 1 महीने में तो कभी दो महीने में वापस आने के लिए राजी होती थी। पूनम की कोई सहेली भी नहीं है और वह फोन पर अक्सर अपनी ही मन से बातचीत करती थी।

 

जब इस बारे में पुलिस ने पूनम की मां सुनीता से सवाल पूछा कि पूनम का व्यवहार शुरुआत से कैसा है। सुनीता ने पुलिस को बताया कि पूनम का व्यवहार अन्य बच्चों की तरह ही है लेकिन वह स्कूल की बातें घर में शानदार नहीं करती थी और ज्यादातर गुमसुम रहती थी। उसने कभी पूनम के अंदर गुस्सा और असमानता जैसा कोई संकेत नहीं देखा।

 

सोनीपत पुलिस पूनम की किसी मानसिक पीड़ा के जाल में ना उलझकर उसके झूठ को पकड़ने और उसके द्वारा की गई हत्याओं के पीछे के इरादे के सच को जानने में अपना फोकस कर चुकी है। पुलिस उसके द्वारा किए गए अपराध को पूरी तरह से उजागर करना चाहती है कि उसके अल इरादे क्या थे और उसने इन चार बच्चों को मौत के घाट क्यों उतार दिया। इस साजिश में कौन-कौन लोग शामिल हैं और किसकी क्या भूमिका रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास भी कर रही है कि विधि की मौत से पहले तीन बच्चों की मौत का रहस्य किन-किन लोगों के सामने उजागर हो चुका था। जिन्होंने इतने बड़े जुर्म को भी छुपा कर पूनम का साथ दिया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पूनम ने बताया कि सन् 2023 में उसकी ननंद अपनी बेटी के साथ गंगाना गांव से अपने मायके भावड गांव आई थी। एक दिन घर में वो, उसका बेटा शुभम् और ननंद की बेटी इशिका थी। उसका बेटा शुभम और इसी का खेल रहे थे। घर पर कोई ओर नहीं था। तभी उसने 9 वर्षीय इशिका को पानी में डुबोकर मार दिया। लेकिन उसके बेटे शुभम ने उसे देख लिया। उसे भय हो गया कि कहीं उसका बेटा किसी को ना बता दे कि  उसने बुआ की बेटी को मार डाला। साथ ही किसी को उस पर शक ना हो कि उसने इस हत्या को अंजाम दिया है इसलिए उसने अपने 3 वर्षीय बेटे शुभम को भी पानी में डुबोकर मार दिया। फिर उसने कहानी बनाई की दोनों बच्चे खेलते समय पानी के टब में पहुंच गए और डूबने से उनकी मौत हो गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि पूनम अगस्त 2025 में अपने मायके पानीपत जिले के गांव सिवाहा आई हुई थी। तब उसने अपने चचेरे भाई की बेटी जिया को भी पानी में डुबोकर मार दिया। उस समय पूनम पर शक हो गया था लेकिन परिवार की बात होने पर उसके इस जुर्म पर मिट्टी डाल दी गई।

पूनम अभी अपने मायके ही थी कि उसके पति नवीन के मामा सतपाल के लड़के अमन की शादी तय हो गई। इस शादी में पूनम भी 30 नवंबर को पानीपत जिले के गांव नौल्था पहुंच गई। 1 दिसंबर की दोपहर को जैसे ही अमन की बारात रवाना हुई और घर में आए सभी मेहमान बारात में चले गए। पूनम ने देखा कि 6 वर्षीय विधि घर में बने सीढ़ियों के ऊपर चढ़ रही है तो वह उसके पीछे-पीछे छत पर पहुंच गई और बहाने से उसे अपने पास बुला लिया।

 

पुलिस पूछताछ में खुलासा करते हुए बताया कि छत पर स्टोर रूम के बाहर पानी से भरा टब रखा हुआ था। उसने अपने हाथों में पहनी हुई चूड़ियां निकाली ताकि वहां पर कोई सबूत ना रहे। उसने धीरे-धीरे टब को स्टोर रूम के अंदर किया और विधि को पड़कर उसके अंदर डुबो दिया। करीब 5 मिनट तक वह विधि की गर्दन पड़े उसे पानी में डुबोकर रखा जब तक उसकी मौत ना हो गई। उसके बाद वह धीरे से स्टोर रूम की कुंडी लगाकर नीचे आ गई और अन्य लोगों में घुल मिल गई ताकि कोई उसे पर शक ना करें।

चार बच्चों की हत्या करने पर तीन अलग-अलग पुलिस थानों में केस दर्ज

पूनम द्वारा अपने बेटे शुभम और ननंद की बेटी इशिका की हत्या करने का मामला सोनीपत जिले के बरोदा थाने में दर्ज किया गया है। वहीं जिया की हत्या का मामला पानीपत जिले के गांव सिवाहा की घटना है इसलिए यह मामला औद्योगिक थाना सेक्टर-29 पानीपत में दर्ज किया गया। जबकि विधि की हत्या का मामला इसराना पुलिस थाना में दर्ज है।

 

 

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