Hisar जिले के गांव राजपुरा में चरमराई सफाई व्यवस्था, बारिश के सीजन से पहले नहीं हुई नालों की सफाई
Hisar News : हिसार जिले के गांव राजपुरा में सरकारी आदेशों की अवहेलनायक खुलेआम देखने को मिल रही है। सरकार और प्रशासन की तरफ से बार-बार आदेश देने के बावजूद भी बारिश का सीजन शुरू होने से पहले गांव के गंदे पानी की निकासी के नालों की सफाई अभी तक शुरू भी नहीं हुई है। ऐसे में बारिश का मौसम आ चुका है और अगर गांव में भारी बारिश होती है तो गांव की गलियों में जल भराव होने से झील का नजारा देखने को आसपास के गांव के लोग भी राजपुरा गांव पहुंचेंगे। कुछ लोगों का कहना है कि गांव की सफाई कर्मचारी गांव छोड़कर हिसार जा चुके हैं और ऐसे में गांव में सफाई करने वाला कोई कर्मचारी नहीं है जिसकी वजह से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी तो हिसार में रहती है लेकिन कभी खबर उसका बेटा अपने चाहतों के घरों के आसपास सफाई करने के लिए जरूर आता है।
Government orders are being ignored in Rajpura village of Hisar district
मानसून हरियाणा में कभी भी एंट्री कर सकता है और प्री मानसून की बारिश का दौर शुरू हो चुका है। सोमवार को जींद जिले सहित प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश देखने को मिली वहीं भिवानी में भारी बारिश होने से राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की कोठी में पानी भर गया। प्रशासन में तमाम बरसाती नालों और गांव शहर की गलियों के नालों की सफाई के लिए 15 जून तक पूर्ण तरीके से सफाई करने का दावा किया था। लेकिन प्रशासन के लिए दावे गांव राजपुरा में खोखले साबित दिखाई पड़ रहे हैं। प्रशासन के आदेशों का गांव राजपुरा की सफाई व्यवस्था पोल खोलने के लिए काफी है। गांव के चारों तरफ बनाए गए पानी निकासी के लिए नाला गंदगी से अटा पड़ा है। तुम्हें गांव के बीच की काफी गलियों कभी गंदगी से बुरा हाल है। कई जगह तो गंदगी इतनी जमा हो चुकी है कि वहां पर घास तक उगी हुई है। ( Narnaund News in Hindi )
ग्रामीण बोले गांव छोड़कर सफाई कर्मचारी का परिवार जा चुका है Hisar

ग्रामीण सुरेश, बिरेंद्र, शमशेर, कमलजीत सिंह, नरेश, कृष्ण, इत्यादि ने कहा कि गांव में महिला सफाई कर्मचारी है। लेकिन वह कभी भी सफाई करने के लिए गांव की गलियों में दिखाई नहीं दी। जब भी सफाई करने के लिए दिखाई देता है तो कभी-कभार उसका बेटा ही आता था लेकिन अब उसका पूरा परिवार भी गांव छोड़कर हिसार जा चुका है। इससे पहले भी वह गांव की सफाई करने की वजाय आसपास के शहरों में दिहाड़ी मजदूरी करने के लिए जाता था। ऐसे में पिछले काफी महीनों से सफाई कर्मचारियों द्वारा गांव की गलियों और पानी की निकासी के लिए बनाए गए नालों की कोई सफाई नहीं की गई है। ऐसे में पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले गंदगी से आटे पड़े हैं और पानी को आगे जाने के लिए जगह नहीं मिलती जिसके कारण बिना बारिश के ही नाले ओवरफ्लो होकर उनका पानी गलियों में भर रहा है जिसके कारण आने जाने वाले राहगीरों को भारी दिकत्तों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में अधिकतर लोग पशु पालते हैं और महिलाएं सुबह शाम अपने पशुओं का गोबर डालने अपने प्लाटों में जाती हैं लेकिन गलियों की सफाई न होने और नालों के और फलों होने की वजह से गलियों में भरे जमा पानी में गिरकर काफी महिलाएं चोटिल हो चुकी हैं। ( Latest Hansi News in Hindi )
ग्रामीणों की प्रशासन से मांग
ग्रामीणों ने कहा कि गांव की मौजूदा सफाई कर्मचारी को हटाकर उसके स्थान पर नए सफाई कर्मचारी की भर्ती की जाए ताकि गांव में नियमित रूप से सफाई व्यवस्था हो सके। ग्रामीणों ने बताया कि अगर एक गली की सफाई सप्ताह में एक बार भी हो जाए तो गांव में गंदगी का नामोनिशान नहीं रह सकता। क्योंकि गांव के लोग अपने घरों के सामने गलियों को साफ रखते हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारी को केवल पानी की निकासी के लिए बनाई गई नालियों व गांव के चारों तरफ बने रिंग बांध और उसके साथ बनाए गए नालों की ही साफ सफाई पर ध्यान देना होता है। परंतु मौजूद थे सफाई कर्मचारी यह काम भी ठीक तरीके से नहीं कर रही। ( Latest Narnaund News Today )
तनख्वाह सरकार से, सफाई चहेतों के घरों की
कुछ ग्रामीणों में नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मौजूदा सफाई कर्मचारी तनख्वाह तो सरकार से पूरे गांव में साफ सफाई करने की ले रही है, परंतु वो केवल अपने चहेतों के घरों के आसपास ही झाड़ू लगाते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में सरकार को उसकी जगह नई सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करनी चाहिए। ( Abtak Hansi News )
नियमित रूप से होती है सफाई – सरपंच
इस संबंध में गांव के सरपंच सुनील कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि गांव में सफाई कर्मचारी के बेटे के द्वारा नियमित रूप से सफाई की जा रही है। लेकिन गांव के लोग अपने घरों में पशुओं का गोबर नालियों में बुहा रहे हैं। जिसकी वजह से सफाई होने से पहले ही वह दोबारा से अट जाते हैं। एक सफाई कर्मचारी होने से सफाई करने में परेशानी हो रही है और वह जिला उपायुक्त को भी गांव में दूसरे सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करने और चौकीदार की नियुक्ति को लेकर गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक इस मामले में प्रशासन की तरफ से कोई नया आदेश नहीं आया है। ( Abtak Haryana News )