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Jind Panipat road will be widened : जींद पानीपत रोड़ होगा चौड़ा, इन गांवों की जमीन होगी इक्वायर

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Jind Panipat road will be widened, land of these villages will be acquired

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सफीदों रोड के चौड़ीकरण के लिए दो गांवों में 26 एकड़ जमीन को मिली मंजूरी

15 एकड़ की मंजूरी का इंतजार, बाद में पूरी 41 एकड़ जमीन करवा दी जाएगी विभाग के नाम

जींद पानीपत रोड को चौड़ा करने की परियोजना ( Jind Panipat road will be widened )  अब सिरे चढ़ने लगी है। तीन साल से अटके चौड़ीकरण के लिए अब वन विभाग की एनओसी भी जल्द ही मिल सकती है। पानीपत रोड फिलहाल सात मीटर चौड़ा है। इसको सफीदों से पानीपत तक 14 मीटर व सफीदों से जींद तक 10 मीटर चौड़ा किया जाना है।

चौड़ीकरण के चलते 66 किलोमीटर की इस सड़क से नौ हजार से अधिक पेड़ काटे जाएंगे। ऐसे में वन विभाग नए पौधे लगाने के लिए 41 एकड़ जमीन मांग रहा है। इसके बाद अब प्रशासन की पहल पर तीन गांवों में 41 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इनमें से खरल व बधाना गांवों में 26 एकड़ से अधिक जमीन को वन विभाग के नाम करने के लिए करने के लिए पंचायत विभाग ने स्वीकृति दे दी है। अब शामलो गांव में दी जाने वाली 15 एकड़ जमीन को स्वीकृति मिलनी बाकी है। यह स्वीकृति मिलते ही पूरी 41 एकड़ जमीन वन विभाग के नाम करवा दी जाएगी।

दरअसल तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जींद-पानीपत मार्ग को चौड़ा करने के लिए घोषणा की थी। इसको सफीदों से जींद नए बाईपास तक सात से बढ़ा कर 10 मीटर व शहर के अंदर और सफीदों से पानीपत तक 14 मीटर सड़क व बीच में एक मीटर का डिवाइडर बनाया जाना है। इसके लिए सड़क के दोनों ओर लगे करीब नौ हजार पेड़ काटे जाएंगे। ऐसे में वन विभाग पहले पेड़ लगाने के लिए 41 एकड़ जमीन मांग रहा है और इसके चलते ही अभी तक एनओसी नहीं दी गई है।

हालांकि इसके लिए करीब एक डेढ़ साल पहले केंद्र सरकार से सड़क फंड (सीआरएफ) के तहत करीब 180 करोड़ रुपये भी जारी भी हो चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। अब इस परियोजना को शुरू करने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों से जमीन मांगी जा रही है।

इसके लिए जिा प्रशासन ने बधाना व खरल गांवों में 27 एकड़ से अधिक व शामलो गांव में 15 एकड़ वन विभाग को देने के लिए चिह्नित की है। जींद से पानीपत तक कुल 66 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है। इसमें 24 किलोमीटर पानीपत जिला के हैं। इस पर करीब नौ हजार पेड़ काटे जाएंगे। पेड़ों को काटने के लिए इसी साल वन विभाग के मुख्यालय से एनओसी मिलने की उम्मीद है। वन विभाग को फरीदाबाद जिला में जमीन मिल रही थी, लेकिन यह परियोजना सिरे नहीं चढ़ पाई। फरीदाबाद जिले में 27 एकड़ जमीन देखी गई थी। बाद में यह जमीन वन विभाग को नहीं मिली।

संकरी सड़क पर वाहन अधिकः जींद से पानीपत मार्ग फिलहाल सात मीटर चौड़ा है। बीच में डिवाइडर भी नहीं है। वहीं इस मार्ग से वाहन अधिक निकलते हैं। संकरी सड़क पर अधिक वाहन होने के कारण यहां दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। प्रतिदिन एक से दो दुर्घटना होती हैं। इसमें एक साल पहले बाइक पर सवार एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटनाओं में एक-एक व्यक्ति की मौत की 50 से अधिक घटना हो चुकी हैं। जमीन नहीं मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी। अब जमीन मिलने के बाद इस पर काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।

 

जमीन वन विभाग के नाम करवाने के लिए दो गांवों की जमीन के लिए पंचायत विभाग से दो गांवों की 27 एकड़ जमीन वन विभाग को देने के लिए स्वीकृति मिल गई है। बची हुई जमीन के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। यह जमीन वन विभाग के नाम होने पर वन विभाग से एनओसी मिल जाएगी। इसके बाद सड़क के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। – अजय कटारिया, एसडीओ. लोक निर्माण विभाग।

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