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Latest News: हांसी में घर बैठे उपलब्ध होंगी राजस्व सेवाएं, निर्धारित समय-सीमा में होगा इंतकाल का निपटारा

By हरियाणा न्यूज टूडे

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Latest News: हरियाणा सरकार राजस्व सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगीं। इसके तहत जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री, इंतकाल तथा अन्य राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी-मोटी करेक्शन को सरल बनाने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

ऑटो म्यूटेशन से राजस्व सेवाओं में आएगी पारदर्शिता और समयबद्धता : डीसी राहुल नरवाल

हांसी जिला उपायुक्त राहुल नरवाल ने कहा कि राज्य सरकार के निर्णयानुसार राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए  ऑटोम्यूटेशन प्रणाली लागू की गई है ,ताकि आम नागरिकों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।  जिससे पंजीकरण के बाद इंतकाल की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो सकेगी।

उपायुक्त राहुल नरवाल ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था का उद्देश्य केवल इंतकाल प्रक्रिया को डिजिटल बनाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही निर्धारित करना, लंबित मामलों को कम करना तथा नागरिकों को समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी म्यूटेशन लंबे समय तक किसी एक स्तर पर लंबित न रहे।

पंजीकरण के बाद 11वें दिन तक पूरी होगी म्यूटेशन की प्रक्रिया

डीसी राहुल नरवाल ने बताया कि पंजीकरण के बाद म्यूटेशन सबसे पहले पटवारी के लॉगिन में जाएगी। पटवारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय दिया जाएगा।यदि पटवारी निर्धारित अवधि में आवश्यक कार्रवाई नहीं करता है तो पांचवें दिन म्यूटेशन स्वतः कानूनगो के लॉगिन में चली जाएगी। कानूनगो को कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मिलेगा।

इसके बाद भी निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर सातवें दिन म्यूटेशन स्वतः सीआरओ के लॉगिन में पहुंच जाएगी। सीआरओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय निर्धारित किया गया है। यदि निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है तो 11वें दिन म्यूटेशन स्वतः जमाबंदी में शामिल हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा और प्रत्येक स्तर पर अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।

नागरिकों की शिकायतों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था

उपायुक्त ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। यदि किसी नागरिक की म्यूटेशन निर्धारित समय-सीमा में प्रोसेस नहीं होती है तो वह ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकेगा और संबंधित दस्तावेज भी ऑनलाइन जमा कर सकेगा। शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग या अधिकारी द्वारा 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यदि नियमानुसार म्यूटेशन की जा सकती है तो नागरिक को उसकी म्यूटेशन की प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी कारणवश म्यूटेशन नहीं की जा सकती तो संबंधित सीआरओ द्वारा स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया जाएगा।

इस स्पीकिंग ऑर्डर में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती, किस नियम या कारण के आधार पर मामला स्वीकार नहीं किया गया तथा आवश्यकता होने पर नागरिक को आगे की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

डीसी राहुल नरवाल ने कहा कि नागरिक को केवल यह कहकर वापस नहीं भेजा जाना चाहिए कि इंतकाल नहीं हो सकता। उसे स्पष्ट, लिखित और कारण सहित निर्णय मिलना चाहिए। इससे नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

तकनीक से बढ़ेगी जवाबदेही, कम होगा अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप

उपायुक्त राहुल नरवाल ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य राजस्व सेवाओं में अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है। ऑनलाइन प्रक्रिया और स्वतः अगले स्तर पर जाने वाली व्यवस्था से यह स्पष्ट रहेगा कि किसी मामले पर किस स्तर पर कार्रवाई होनी है और उसके लिए कितना समय निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि नागरिकों को अपने कार्य की स्थिति जानने और समय पर सेवा प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।

तकनीकी समस्याओं एवं सकारात्मक सुझावों का होगा समाधान

डीसी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य किसी अधिकारी या कर्मचारी को परेशान करना नहीं, बल्कि पूरी राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था लागू होने के प्रारंभिक चरण में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के सामने वास्तविक तकनीकी समस्या, संचालन संबंधी कठिनाई आती है अथवा व्यवस्था को और बेहतर बनाने से संबंधित कोई सकारात्मक सुझाव है, तो उसे उचित माध्यम से विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके।

नागरिकों को समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना प्राथमिकता

उपायुक्त राहुल नरवाल ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि नागरिकों को अपने वैध कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध सेवाएं मिलें।

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