Haryana Roadways Employees Protest: Haryana Roadways Roadways Employees Demands, Haryana Roadways News
रोडवेज कर्मचारियों की मांगों के हल के लिए हिसार डिपो बंद करने की चेतावनी
Hisar News Today: हरियाणा रोडवेज वर्क्स यूनियन ने (Hisar Roadways) हिसार डिपो के कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं होने पर डिपो बंद करने की चेतावनी दी है। यूनियन के राज्य उपप्रधान एवं हिसार डिपो प्रधान राजकुमार चौहान ने कहा कि कर्मचारियों के कई वित्तीय लाभ लंबे समय से लंबित हैं, जबकि संबंधित बिल और दस्तावेज विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजे जा चुके हैं।
रोडवेज कर्मचारियों की मांगें
राजकुमार चौहान ने बताया कि हिसार डिपो में एचकेआरएन कर्मचारियों का करीब तीन साल का नाइट भत्ता बकाया है। इसके अलावा पक्के चालक और परिचालकों का भी नाइट भत्ता लंबित है। कर्मचारियों के पिछले दो माह से फार्म भरे हुए हैं और उनके बिल चंडीगढ़ भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 25 नाइट के भुगतान के लिए अनुमति और बजट की मांग भी महानिदेशक परिवहन से की गई है। उन्होंने मांग की कि एक अक्तूबर से पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव और महानिदेशक परिवहन को पत्र भेजकर चालक-परिचालकों की 25 नाइट के लिए अनुमति ली जाए, ताकि कर्मचारियों को राशि समय पर मिल सके। यदि पूरी अनुमति नहीं मिलती तो जीएम को प्राप्त अधिकारों के अनुसार 15 नाइट की अनुमति देकर शेष 15 नाइट कंप्यूटर में दर्ज की जाएं।
स्थानीय रूटों की रोटेशन और ओवरटाइम का भी उठाया मुद्दा (Roadways Employees Demands)

चौहान ने Haryana Roadways Employees के चिकित्सा बिल, एलटीसी और एसीपी के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन चालक-परिचालकों की सात दिन में 1200 किलोमीटर ड्यूटी होती है, उनके कंप्यूटर में ओटीआर दर्ज किया जाए। यदि ओटीआर नहीं लगाया जाता तो सभी स्थानीय रूटों पर ओवरटाइम दिया जाए। उन्होंने हिसार डिपो में हाल ही में बनाई गई नई स्थानीय रूटों की रोटेशन की भी समीक्षा कर उसे दोबारा व्यवस्थित करने की मांग की। उनका कहना है कि डिपो में हरियाणा रोडवेज की बसों की संख्या कम होने के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है, इसलिए सभी स्थानीय रूटों की रोटेशन में ओवरटाइम का प्रावधान किया जाना चाहिए।
वर्कशॉप की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग
यूनियन नेता ने हिसार डिपो की वर्कशॉप में कर्मचारियों के लिए शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने और वर्षों से खराब पड़ी सीवर लाइन की मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन की समस्या के समाधान के लिए मुख्यालय से मंजूरी ली जानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को बेहतर और स्वच्छ कार्य वातावरण मिल सके। उन्होंने वर्कशॉप में मिस्त्रियों के लिए पांच नए कमरे बनवाने की मांग भी रखी, ताकि बसों के रखरखाव और मरम्मत का काम सुचारु रूप से हो सके। इसके अलावा जिन कर्मचारियों का शिक्षा भत्ता बकाया है, उसका भी जल्द भुगतान करने की मांग की गई।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो डिपो बंद करने की चेतावनी-












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